OsteoArthritis in females

As the most prevalent type of arthritis, osteoarthritis is a degenerative condition impacting multiple joint tissues, diagnosed in over 32.5 million American adults per CDC estimates.

HAPPY KRISHN JANMASTAMI

श्रीकृष्ण जनमास्टमी का आयुर्वेदिक महत्व एक कहावत है ‘भोले भाव मिले रघुराई’ अर्थात बच्चों मे  स्वयं ईश्वर  विद्यमान राहते  है | जिसको बच्चों से लगाव है उसका आधा रोग तो स्वयं ही दूर हो जाता है कभी  आप परेशान हों तो किसी भी बच्चे को गले लगाकर देंखे आपका वायु तत्त्व  स्वयं ठीक हो जाता […]

Benign Prostatic Hyperplasia

प्रोस्टेट का बढ़ना (Benign Prostatic Hyperplasia या BPH) बढ़ती उम्र में पुरुषों में होने वाली एक आम समस्या है। सही खान-पान, नियमित व्यायाम और घरेलू उपायों की मदद से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। [1, 2, 3]आयुर्वेद में बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH) यानी बढ़े हुए प्रोस्टेट का इलाज मुख्य […]

पैरों में सुई चुभने TINGLING SENSITION IN LEG SIGN of Nerve damage, Diabetic neuropathy, and compression

पैरों में सुई चुभने जैसा एहसास (झनझनाहट या चींटियां चलने जैसा महसूस होना) मुख्य रूप से शरीर में वात दोष के असंतुलन और नसों (तंत्रिकाओं) तक रक्त संचार ठीक से न पहुँचने के कारण होता है। इसे आयुर्वेद में ‘सुप्ति’ या पैरेस्थेसिया (Paresthesia) से जोड़ा जाता है। [1, 2, 3] कारण (Causes) लक्षण (Symptoms) डाइट […]

संधिवात (Arthritis)

आयुर्वेद में गठिया (Arthritis) को मुख्य रूप से ‘आमवात’ या ‘संधिवात’ कहा जाता है, जो शरीर में वात दोष के असंतुलन और विषाक्त पदार्थों (आम) के जमा होने से होता है। इसका स्थायी उपचार करने के लिए प्राकृतिक जड़ी-बूटियों, सही खान-पान और पंचकर्म चिकित्सा का उपयोग किया जाता है

ऐक्टिव इंसुलिन प्लस gymnoveda की इन्सुलिन कम करने मे प्रभावी

ऐक्टिव इंसुलिन प्लस gymnoveda की इन्सुलिन कम करने मे प्रभावी डॉ शीलेन्द्र भट्ट आयुर्वेदीक consultant मयंक क्लिनिक मेरठ अपपोइन्टमेंट 8556092620 ऐक्टिव इंसुलिन प्लस   केवल एक पारंपरिक मिश्रण नहीं है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और फार्माकोलॉजिकल शोधों (Pharmacological Research) में भी इसे एक शक्तिशाली औषधि माना गया है। आधुनिक विज्ञान के अनुसार, जब हल्दी (निशा) और […]

PLATELET KAM HONE KE LAKSHAN AUR AYURVEDIC UPAY

PLATLETS

क्या आप जानते हैं कि प्लेटलेट्स आपके शरीर के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं? प्लेटलेट्स की कमी, जिसे थ्रोम्बोसाइटोपेनिया कहा जाता है, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। इसके लक्षणों में छोटी चोट से अधिक खून बहना, नाक या मसूड़ों से खून आना, और अत्यधिक थकान शामिल हैं। आयुर्वेद में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए कई प्रभावी उपाय हैं, जैसे पपीते के पत्तों का रस और गिलोय का सेवन। जानें कि कैसे आप अपने प्लेटलेट्स को प्राकृतिक तरीके से बढ़ा सकते हैं और अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें!

थायराइड को संतुलित करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय

क्या आप थायराइड से परेशान हैं? थायराइड, जो हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म के रूप में प्रकट होता है, आपके वजन और ऊर्जा स्तर को प्रभावित कर सकता है। जानें कि कैसे आयुर्वेदिक घरेलू ड्रिंक्स जैसे धनिया के बीजों का पानी और लौकी का जूस आपके थायराइड स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। इसके अलावा, सही आहार और जीवनशैली में बदलाव से आप थायराइड के लक्षणों को नियंत्रित कर सकते हैं। इस लेख में हम थायराइड के प्रकार, कारण और प्रभावी घरेलू उपायों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आगे पढ़ें!

लो बीपी के लक्षण

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हर्निया के लिए आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Remedies)

आयुर्वेद में हर्निया को ‘आंत्रवृद्धि’ (Antravriddhi) कहा जाता है, जो मुख्य रूप से शरीर में वात दोष के बिगड़ने और मांसपेशियों की कमजोरी के कारण होता है. हर्निया होने पर पेट का कोई अंदरूनी हिस्सा या आंत, कमजोर मांसपेशियों की दीवार को फाड़कर बाहर उभर आती है. [1, 2] नीचे हर्निया होने के मुख्य कारण […]