प्रोस्टेट का बढ़ना (Benign Prostatic Hyperplasia या BPH) बढ़ती उम्र में पुरुषों में होने वाली एक आम समस्या है। सही खान-पान, नियमित व्यायाम और घरेलू उपायों की मदद से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। [1, 2, 3]आयुर्वेद में बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH) यानी बढ़े हुए प्रोस्टेट का इलाज मुख्य रूप से बढ़े हुए वात दोष (विशेषकर अपान वात) को संतुलित करने और मूत्र प्रणाली को मजबूत करने पर केंद्रित है। आयुर्वेद में इस स्थिति की तुलना ‘वातष्ठीला’ या ‘मूत्राघात’ (मूत्र मार्ग में रुकावट) से की गई है। प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से प्रोस्टेट के आकार को प्रबंधित करने, सूजन को कम करने और मूत्र प्रवाह को सुगम बनाने में मदद मिलती है। [1, 2, 3, 4]

BPH के प्रबंधन के लिए प्रमुख आयुर्वेदिक उपाय निम्नलिखित हैं:

1. प्रमुख आयुर्वेदिक औषधियाँ (Herbal Remedies)

GYMNOVEDA KI

KGM 500, PG100-PROSTATE PLUS, CP PLUS PAHLE WEEK ME RESULTS

गोक्षुरु (Gokhru): यह एक प्राकृतिक यूरीनरी टोनिक और मूत्रवर्धक (diuretic) है, जो पेशाब की जलन और दर्द को कम करने में मदद करता है। [1, 2]

वरुण (Varuna): यह प्रोस्टेट ग्रंथि की सूजन (inflammation) को कम करने और मूत्राशय (bladder) की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सबसे प्रभावी माना जाता है। [1, 2]

पुनर्नवा (Punarnava): अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह प्रोस्टेट के बढ़े हुए आकार के लक्षणों को नियंत्रित करता है। [1, 2]

1. प्रोस्टेट बढ़ने के मुख्य लक्षण (Symptoms)

जब प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ता है, तो यह मूत्र मार्ग (Urethra) पर दबाव डालती है, जिससे नीचे दिए गए लक्षण दिखते हैं: [1]


2. प्रोस्टेट के लिए फायदेमंद आहार (Diet)

आहार में एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले तत्वों को शामिल करना चाहिए: [1, 2]

क्या खाएं (Foods to Include)क्या न खाएं (Foods to Avoid)
टमाटर व लाल फल: इनमें लाइकोपीन होता है जो प्रोस्टेट के आकार को नियंत्रित रखता है।कैफीन और अल्कोहल: चाय, कॉफी और शराब मूत्राशय में जलन पैदा करते हैं।
कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds): इनमें भारी मात्रा में जिंक होता है, जो प्रोस्टेट हेल्थ के लिए जरूरी है।रेड मीट व प्रोसेस्ड फूड: यह शरीर में सूजन (inflammation) को बढ़ाते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां और ब्रोकोली: ये शरीर को जरूरी पोषक तत्व और फाइबर देती हैं।अत्यधिक नमक और चीनी: ज्यादा मीठा खाने से वजन बढ़ता है, जो प्रोस्टेट के लिए नुकसानदेह है।
ग्रीन टी: इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स प्रोस्टेट की सूजन कम करते हैं।डेयरी उत्पाद: उच्च वसा वाले दूध-मलाई का सेवन सीमित करें।

3. एक्सरसाइज और योग (Exercise & Yoga)

शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से पेल्विक हिस्से का रक्त संचार बेहतर होता है और मोटापा कम होता है, जिससे लक्षणों में आराम मिलता है: [1, 2]


4. घरेलू और जीवनशैली के उपाय (Home Remedies)

जरूरी सलाह: यदि आपको पेशाब करते समय तेज दर्द हो, यूरिन में खून आए या पेशाब पूरी तरह से रुक जाए, तो बिना देरी किए contact डॉ भट्ट 8556092620

क्या आप वर्तमान में इनमें से किसी विशेष लक्षण का सामना कर रहे हैं, या डॉक्टर ने आपका प्रोस्टेट साइज (BPH स्टेज) बताया है? मुझे बताएं ताकि मैं और सटीक जानकारी दे सकूं। Whatsapp 8556092620