Gramya swasthya sahayak Dilpma course 6 months

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About Course

Diploma in Rural Health Care (DHRC)

fee 1650 rs 1 months

1. आयुर्वेद और आहार के मूल सिद्धांत (Basics of Ayurveda and Diet) 
2. Diagnosis
3. Reading Report
4. Ayurvedic medicine and diseases name doses 
5. practical yog ayurveda
  • आयुर्वेद का परिचय: त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) का परिचय।
  • आहार का महत्व: आयुर्वेद में भोजन को ‘महाभेषज’ (सर्वोच्च औषधि) क्यों माना गया है?
  • षडरस (6 स्वाद): मधुर (मीठा), अम्ल (खट्टा), लवण (नमकीन), कटु (तीखा), तिक्त (कड़वा), कषाय (कसैला) – गुणों और दोषों पर प्रभाव। [1, 2]
2. रसोईघर की रूपरेखा और सामग्री (Setting up the Ayurveda Kitchen)
  • आयुर्वेदिक रसोई का चयन: स्वच्छता, दिशा और वेंटिलेशन।
  • बर्तन (Cooking Vessels): मिट्टी, तांबा, पीतल, लोहा और स्टील के बर्तनों का उपयोग।
  • सामग्री का चयन: मौसमी (Seasonal) और स्थानीय (Local) खाद्य पदार्थ। [1]
3. मसाले, जड़ी-बूटियाँ और रसोई की औषधि (Ayurvedic Herbs and Spices)
  • मुख्य मसाले: जीरा, धनिया, हल्दी, सौंफ, अदरक, दालचीनी, लौंग, हींग, मेथी के गुण और उनके उपयोग।
  • रसोई से उपचार: सामान्य बीमारियों (अपच, सर्दी, कब्ज) के लिए घरेलू मसाले।
4. आयुर्वेदिक पाक कला (Ayurvedic Cooking Methods)
  • भोजन पकाने के नियम: अग्नि (पाचन शक्ति) के अनुसार भोजन पकाना।
  • पाक विधाएँ: भूनना, उबालना, उबालकर पकाना (अल्प अग्नि)।
  • विधि: खिचड़ी, पेया (पेय), लेह, और तेल निर्माण की बुनियादी विधि। [1, 2, 3]
5. आहार और जीवनशैली (Diet and Lifestyle – Swasthavritta)
  • ऋतुचर्या (Seasonal Diet): मौसम के अनुसार खान-पान में बदलाव।
  • दिनचर्या (Daily Routine): कब और कैसे खाना चाहिए?
  • विरुद्ध आहार (Incompatible Food): किन खाद्य पदार्थों को साथ नहीं खाना चाहिए (जैसे दूध+फल)।
6. व्यक्तिगत आहार योजना (Personalized Nutrition)
  • प्रकृति के अनुसार आहार: वात, पित्त, कफ प्रकृति के अनुसार आहार।
  • रोगानुसार आहार: मधुमेह (Diabetes), मोटापा, पाचन संबंधी समस्याओं के लिए विशेष आहार।
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