मधुमेह (Diabetes) में ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहने के कारण शरीर की नसों (Nerves) और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को गंभीर नुकसान पहुंचता है। इसी वजह से शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ये सभी लक्षण एक साथ दिखाई दे सकते हैं। [1, 2]

आपके द्वारा बताए गए लक्षणों के मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:

डायबिटिक न्यूरोपैथी के प्रमुख लक्षण

इसके लक्षण धीरे-धीरे विकसित हो सकते हैं। कुछ लोगों में शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते।

1. पैरों में जलन (Burning Feet)

2. कंधा दर्द और कमर दर्द (Shoulder & Back Pain)

3. याददाश्त कमजोर होना (Memory Loss)

4. आंखों की रोशनी कमजोर होना (Weak Eyesight)

Diabetic neuropathy

Symptoms and causes

डायबिटीज में यौन अक्षमता (Sexual Dysfunction) होना एक आम लेकिन गंभीर समस्या है, जो मुख्य रूप से नसों और रक्त वाहिकाओं के डैमेज होने के कारण होती है।

यह समस्या क्यों होती है? (वैज्ञानिक कारण)


आयुर्वेदिक दृष्टिकोण और उपचार (Ayurvedic Treatment)

आयुर्वेद में इस स्थिति को ‘ध्‍वजभंग‘ या ‘क्लैब्य‘ की श्रेणी में रखा जाता है, जो मुख्य रूप से प्रमेह (Diabetes) के कारण वात दोष के बिगड़ने और ‘ओज’ (शरीर की ऊर्जा/इम्यूनिटी) के क्षय होने से होता है। इसे ठीक करने के लिए वात-शामक, बल्य (ताकत देने वाली) और वाजीकरण (Vajikarana – Aphrodisiac therapy) जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है।

इसके उपचार के लिए कम से कम तीन मुख्य आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जा सकता है:


आहार और जीवनशैली (Diet & Ayurvedic Lifestyle)

डायबिटीज और न्यूरोपैथी को नियंत्रित करने के लिए आहार में बदलाव करना सबसे जरूरी कदम है। इसके लिए नीचे दी गई तीन श्रेणियों का पालन करें:


महत्वपूर्ण सलाह

यौन अक्षमता के पीछे केवल न्यूरोपैथी ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। सही इलाज के लिए निम्नलिखित तीन संभावनाओं (Differential Diagnosis) पर भी विचार किया जाना चाहिए:

  1. मानसिक तनाव या डिप्रेशन (Psychogenic ED): बीमारी के डर या परफॉर्मेंस प्रेशर के कारण।
  2. हार्मोनल गड़बड़ी: थायराइड (Hypothyroidism) या कम टेस्टोस्टेरोन का होना।
  3. दवाओं के साइड इफेक्ट्स: हाई ब्लड प्रेशर या डिप्रेशन के लिए खाई जाने वाली कुछ एलोपैथिक दवाओं के कारण।

नोट: कोई भी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी या चूर्ण शुरू करने से पहले एक बार योग्य नाड़ी वैद्य या आयुर्वेदिक चिकित्सक से अपनी प्रकृति की जांच जरूर करवाएं। साथ ही, अपनी वर्तमान एलोपैथिक शुगर की दवाओं सलाह के बाद  बंद  करें।

क्या आप वर्तमान में शुगर को नियंत्रित करने के लिए कोई एलोपैथिक दवा या इंसुलिन ले रहे हैं? साथ ही, क्या आप जानना चाहेंगे कि अश्वगंधा या कौंच बीज के चूर्ण को सही मात्रा और किस समय लेना सबसे सुरक्षित और प्रभावी होता है?

Change block type or style

Move Paragraph block from position 31 up to position 30

Move Paragraph block from position 31 down to position 32

Change alignment

Change text alignment

Displays more block tools


डॉक्टर से कब मिलें?

ये सभी लक्षण इस बात का संकेत हैं कि डायबिटीज शरीर के अंदरूनी अंगों और नसों को प्रभावित कर रही है (Systemic Complications)। आपको बिना देरी किए तुरंत विशेषज्ञ) से संपर्क करना चाहिए। [4, 15]

डॉक्टर आपकी स्थिति को संभालने के लिए निम्नलिखित जांचें करवा सकते हैं:

सही समय पर ब्लड शुगर को नियंत्रित करके, दवाओं और उचित लाइफस्टाइल से इन सभी लक्षणों को बढ़ने से रोका जा सकता है और नसों के दर्द में आराम पाया जा सकता है। [10, 16]

अपनी स्थिति को बेहतर ढंग से समझने के लिए, क्या आप बता सकते हैं कि:

[1] https://medlineplus.gov

[2] https://www.mayoclinic.org

[3] https://www.mayoclinic.org

[4] https://uspainfoundation.org

[5] https://hospital.uillinois.edu

[6] https://lluh.org

[7] https://drraoshospitals.com

[8] https://www.jiethospital.com

[9] https://www.facebook.com

[10] https://ubiehealth.com

[11] https://www.cdc.gov

[12] https://painandspinespecialists.com

[13] https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov

[14] https://podimetrics.com

[15] https://www.youtube.com

[16] https://my.clevelandclinic.org

[17] https://www.hopkinsmedicine.org

Share with